अग्निवीर योजना से भारत को मिलेगी अत्यधिक सैन्य मजबूती


 

सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सरकार ने नई 'अग्निपथ' योजना का ऐलान किया है। मौजूदा नीति में 20 साल के मुकाबले नए सैनिकों की भर्ती 4 साल के लिए की जाने की बात कही गई है। साथ ही इसके सेना में आने वाले 'अग्निवीरों' के लिए पेंशन की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अब इसी के चलते देश भर में उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बहरहाल, एक बार इस मुद्दे को विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह योजना क्या है और इसमें क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।
दरअसल, भारतीय सशस्त्र बलों से संबंधित अग्निपथ योजना एक ऐसी योजना है जिसमें चयनित उम्मीदवारों को चार साल की अवधि के लिए अग्निवीर के रूप में नामांकित किया जाएगा। चार साल की अवधि पूरी होने पर, ये अग्निवीर एक अनुशासित, गतिशील, प्रेरित और कुशल श्रमशक्ति के रूप में अन्य क्षेत्रों में रोजगार पाने के उद्देश्य से अपनी पसंद के पेशे में अपना करियर बनाने हेतु समाज में वापस लौटेंगे।सशस्त्र बलों द्वारा घोषित संगठनात्मक जरूरतों एवं नीतियों के अनुरूप अपनी संलग्नता की अवधि पूरी कर लेने के बाद इन अग्निवीरों को स्थायी संवर्ग में नामांकन के लिए आवेदन करने का एक अवसर प्रदान किया जाएगा। इनमें से 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में नियमित संवर्ग के रूप में नामांकित होने के लिए चुना जाएगा। यह योजना देश की सेवा करने के इच्छुक भारतीय युवाओं को कम अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती होने का अवसर प्रदान करती है। यह योजना सशस्त्र बलों के युवाओं के प्रोफाइल को बेहतर करती है।



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