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बड़ी ख़बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को दुमका के एयरपोर्ट मैदान में भाजपा प्रत्याशी सीता सोरेन के पक्ष में चुनावी सभा को करेंगे संबोधित

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  सूत्र, रांची: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मई को झारखंड के दुमका पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री यहां हवाईअड्डे पर संथालपरगना प्रमंडल के तीनों लोकसभा क्षेत्रों से अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। भाजपा ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। यह जानकारी भाजपा के जिला प्रवक्ता पिंटू अग्रवाल ने दी। रैली में संथालपरगना प्रमंडल के दुमका, गोड्डा और राजमहल के उम्मीदवार सीता सोरेन, निशिकांत दुबे और ताला मरांडी मौजूद रहेंगे।

फार्मा माफिया ने भयंकर षड्यंत्र किया हमारे आयुर्वेद के खिलाफ, जानिए कैसे?

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सोशलमीडिया पर यह क्रांतिकारी पोस्ट स्वामी आरोग्यदेव के नाम से तैरता मिला, जिसमें बताया गया है कि 200 लाख करोड़ के फार्मा माफिया ने षड्यंत्र किया है आयुर्वेद के खिलाफ़! याद रखिये युद्ध स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण या पतंजलि के खिलाफ नहीं है ? युद्ध तो आयुर्वेद, योग, वैक्सीन व भगवा के खिलाफ है, युद्ध है दवाई बनाने वाली विदेशी कम्पनियों व फ्री में घर बैठे निरोगी बनाने वाले प्राचीन, योग, आयुर्वेद, नेचरोपैथी के खिलाफ। क्या पतंजलि ने बंदूक की नोक पर आप को लूटा ? क्या आचार्य बालकृष्ण ने आपकी जेब काटी ? क्या आचार्य जी ने समोसा, चटनी, ताबीज, भभूत के नाम से आपको उल्लू बनाया ? क्या 200 देशों में योग पहुंचा कर रामदेव जी व पतंजलि ने हाफिज सईद व दाऊद इब्राहिम जैसा गुनाह व वैश्विक अपराध किया है ? क्या मदर टेरेसा जिसको जीते जी चमत्कारी संत घोषित किया, जो छूकर बीमारी ठीक करती थी। वह हॉस्पिटल में तड़प तड़प कर मरी, आपने कभी सवाल उठाया ? क्या आचार्य बालकृष्ण या बाबा रामदेव ने खुद को भगवान, गॉड या अवतार घोषित किया ? क्या हॉस्पिटल खोलना, अनाथालय खोलना, विद्यालय खोलना, धर्मशाला बनाना, शहीदों को...

बिग ब्रेकिंग: सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B) ने लगातार अश्लील कंटेंट परोसने वाले 18 OTT प्लेटफॉर्म को कर दिया ब्लॉक

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बिग ब्रेकिंग: OTT Platforms Blocked, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B) ने लगातार अश्लील कंटेंट परोसने वाले 18 OTT platforms को कर दिया block!  अब  इंटरनेट के जरिये अश्लीलता परोसने के मामले में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 18 ओटीटी (18 OTT) प्लेटफॉर्म OTT Platform Blocked को भारत में ब्लॉक कर दिया है, आरोप है कि बार बार चेतावनी देने के बावजूद इन प्लेटफॉर्म्स ने अश्लीलता फैलाने वाले कंटेट परोसना बंद नहीं किया, इसलिए इन पर कार्रवाई की गई है। इस के साथ ही I&B मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कई अकाउंट्स बंद किये गये हैं। इसमें ट्वीटर (X), इंस्टाग्राम (Instagram) और सोशल मीडिया वेबसाइट्स शामिल हैं! भारत सरकार ने देश भर में 18 बेवसाइट, 10 एप्स और ओटीटी प्लेटफार्म पर 57 सोशल मीडिया एकाउंट बंद कर दिये हैं! सरकार ने ये सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के तहत ब्लॉक किया है। Voovi, Yessma, Dreams Films, Uncut Adda, , X Prime, Tri Flicks Neon X VIP, Hunters, Rabbit, Besharams Xtramood, MoodX, Mojflix, Nuefliks, Hot Shots VIP, , Chikooflix ,Prime Play...

आखिर हमारे देश का नाम भारत ही क्यों होना चाहिए, इसके पीछे के कारण जानकर चौंक जाएंगे आप...!!

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न्यूज़ टीम, हल्ला बोल भारत: वैसे तो हमारे देश को कई नामों से पुकारा जाता है। कोई भारत कहता है तो कोई इंडिया, लेकिन हमारे देश का सबसे पुराना नाम क्या आप जानते हैं? प्राचीन भारत का अध्ययन करते हुए हमने हमारे देश के कई नाम के बारे में पढा़ और सुना। भारत को इंडिया क्‍यों कहा गया और कैसे ये नाम पड़ा? आज हम आपको बताने जा रहे हैं हमारे देश के नामकरण के बारे में....... सप्त सैंधव: हमारे देश का सबसे पुराना नाम सप्त सैंधव हैं। सप्त सिंधव अथवा 'सप्त सिन्धु' आर्य लोगों का प्रारम्भिक निवास स्थान माना जाता है। वेदों में गंगा, यमुना, सरस्वती, सतलुज, परुष्णी, मरुद्वधा और आर्जीकीया सात नदियों का उल्लेख है। सप्त सैंधव भारतवर्ष का उत्तर पश्चिमी भाग था। सप्त सिंधव के बाद धीरे-धीरे आर्य भारत के और हिस्सों में फैलने लगे। उनकी संस्कृति धीरे -धीरे करके एशिया महाद्वीप के अन्य हिस्सों में फैलने लगे। ब्राह्मण ग्रंथों में कुरु पांचाल देश आर्य संस्कृति का केंद्र माना गया है जहाँ अनेक यज्ञयागों के विधान से यह भूभाग "प्रजापति की नाभि" कहा जाता था। शतपथ ब्राह्मण का कथन है कि कुरु पांचाल की भाषा ही ...

भारत ने G-20 की अध्यक्षता में दिखाया अपना दम, दुनिया में भारतीय संस्कृति का बजा डंका

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  नई दिल्ली:  भारत की G20 की अध्यक्षता ने उसकी वैश्विक नेतृत्व भूमिका में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। भारत पहली बार राष्ट्रपति पद संभाल रहा है और जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच चर्चा और पहल कर रहा है। अपनी विविध अर्थव्यवस्था, तकनीकी कौशल और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ, भारत अद्वितीय दृष्टिकोण लाने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति पद के दौरान, भारत समावेशी विकास, डिजिटल नवाचार, जलवायु लचीलापन और समान वैश्विक स्वास्थ्य पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अपने राष्ट्रपति पद का लाभ उठाकर, भारत सहयोगात्मक समाधानों को बढ़ावा दे रहा है जो न केवल उसकी अपनी आबादी को लाभान्वित करता है बल्कि व्यापक वैश्विक कल्याण में योगदान देता है, जो वसुधैव कुटुंबकम या विश्व एक परिवार है की भावना को मजबूत करता है। Source: Internet 

देश के गृहमंत्री अमित शाह ने अंग्रेजों के बनाए हुए कानून को किया खत्म, अब धोखेबाजों को 420 नहीं कह सकते हैं! जानिए क्या होंगे अब नए कानून?

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भारतीय दंड संहिता (IPC) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) में तब्दील किया जाएगा। अपराध प्रक्रिया संहिता (CrPC) को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारत साक्ष्य अधिनियम (IAA) को भारतीय साक्ष्य (BS) कर दिया जाएगा। तीनों बिलों अब समीक्षा के लिए स्थाई समिति को भेजा गया है। अमित शाह ने कहा कि हम इन कानूनों को खत्म करने जा रहें हैं। ये कानून अंग्रेजों द्वारा लाए गए थे। पहले जानिए तीन बिल में क्या बदलाव हुए? CrPC: इसमें 160 धाराओं को बदल दिया गया है। अब इसमें 533 धाराएं बचेंगी। 9 नई धाराएं जोड़ी गई है, 9 को हटाया गया है। IPC:  पहले 511 धाराएं थीं, अब 356 धाराएं होंगी। 8 नई धाराएं जोड़ी गई हैं और 22 को खत्म कर दिया गया है। साक्ष्य अधिनियम: इसमें पहले 167 धाराएं थीं। अब 170 धाराएं होंगी। 23 में बदलाव हुआ है। एक नई धारा जुड़ गई है। 5 को खत्म कर दिया गया है। भारतीय दंड संहिता में ये 13 बड़े बदलाव: 01- रेप केस: पहले न्यूनतम सजा सात साल थी, अब इसे तीन साल बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है। 02- नाबालिग के साथ रेप: नाबालिग के साथ रेप के दोषी को न्यूनतम 20 साल की कठोर सजा होगी। अधिकतम सजा उम्र कै...

अग्निवीर योजना से भारत को मिलेगी अत्यधिक सैन्य मजबूती

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  सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए सरकार ने नई 'अग्निपथ' योजना का ऐलान किया है। मौजूदा नीति में 20 साल के मुकाबले नए सैनिकों की भर्ती 4 साल के लिए की जाने की बात कही गई है। साथ ही इसके सेना में आने वाले 'अग्निवीरों' के लिए पेंशन की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अब इसी के चलते देश भर में उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बहरहाल, एक बार इस मुद्दे को विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह योजना क्या है और इसमें क्या-क्या बदलाव किए गए हैं। दरअसल, भारतीय सशस्त्र बलों से संबंधित अग्निपथ योजना एक ऐसी योजना है जिसमें चयनित उम्मीदवारों को चार साल की अवधि के लिए अग्निवीर के रूप में नामांकित किया जाएगा। चार साल की अवधि पूरी होने पर, ये अग्निवीर एक अनुशासित, गतिशील, प्रेरित और कुशल श्रमशक्ति के रूप में अन्य क्षेत्रों में रोजगार पाने के उद्देश्य से अपनी पसंद के पेशे में अपना करियर बनाने हेतु समाज में वापस लौटेंगे।सशस्त्र बलों द्वारा घोषित संगठनात्मक जरूरतों एवं नीतियों के अनुरूप अपनी संलग्नता की अवधि पूरी कर लेने के बाद इन अग्निवीरों को स्थायी संवर्ग में नामांकन के लिए आवेदन करने का एक अवसर प्र...

हमारे देश में किसानों की हालत आज कुछ ऐसा है- हमें तो अपनों ने लुटा, गैरों में कहां दम था.....

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 कृषि प्रधान कहे जाने वाले देश में किसान बनना आज के दौर में अभिशाप बन गया है।   हमारे देश के महापुरुषों ने कहा है कि किसान पूरी मानवता का पालक है । लेकिन जो मानवता का पालक है, वही आज आत्महत्या करने को बेबस है।  आजादी से आज तक इन 74 सालों में, सभी पार्टियों ने किसानों के ऊपर अपने तरीके से जबरदस्त राजनीति किया। लेकिन किसी ने किसानों का सही मायने में विकास नहीं किया। अगर विकास किया होता तो आज किसान मरता नहीं । आए दिन हम सुनते हैं कि इस अमुक राज्य में इतने किसान भाइयों ने आत्महत्या कर लिया। कोई फसल खराब होने की वजह से, कोई कर्ज नहीं चुका पाने के कारण से तो कोई खाद की महंगाई जैसे कारणों की वजह से अधिकतर किसान आत्महत्या करते हैं ।  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में करीब 43,000 किसानों और दिहाड़ी मजदूरों ने आत्महत्या की ।  आजादी से लेकर आज तक इन 74 सालों में एक अधिकारी की आय में 200 % की वृद्धि, एक सरकारी शिक्षक की आय में 210 % की वृद्धि, सांसद - विधायकों के आय में 200 % की वृद्धि। लेकिन एक किसान की आय में मात्र 21 % की वृद...

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार- भीख मांगो, चोरी करो मगर ऑक्सीजन दो, एक भी मौत हुई तो सरकार जिम्मेदार

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Big News: देश में ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना मरीज़ दम तोड़ दे रहे हैं। राजधानी दिल्ली में स्थित मैक्स अस्पताल को तो ऑक्सीजन सप्लाई के लिए देर रात दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा।  ऐसे हालात इसलिए भी हैं क्योंकि केंद्र सरकार सक्रिय होकर मरीज़ों के लिए अस्पतालों में प्रबंध नहीं करवा पा रही है।  इसी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगते हुए कहा, “भीख मांगिए, उधार मांगिए लेकिन अस्पतालों तक ऑक्सीजन पहुंचिए। हम ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों को मरता हुआ नहीं देख सकते।”  दरअसल, बुधवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में केवल रात 9 बजे तक के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बची थी।  इसी के चलते अस्पताल ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जेंट याचिका दायर कर ऑक्सीजन की मांग की, ताकि अस्पताल में भर्ती 1400 मरीज़ों की जान खतरे में न पड़े।  इसके बाद रात 8 बजे कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र को बिना देरी ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने का आदेश दिया। मैक्स अस्पताल तक समय रहते ऑक्सीजन पहुंचा दी गई।  उसके बाद सुनवाई करने वाली पीठ रात 9.20 बजे दुबारा इकठ्ठा हुई। कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगते हुए कहा कि ...