बदनाम पुल नंबर 256 में फिर से जारी है लगातार पत्थर माफियाओं की अवैध पासिंग का खेल.......
कोटालपोखर थाना क्षेत्र के बिजयपुर के पास सटे बदनाम पुल नंबर 256 में अवैध ढूलाई, ओवरलोडिंग पासिंग सब जारी है। जबकि विजयपुर - मयूरकोला मुख्य सड़क के पास इन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी हेतु चेकनाका दिया गया है। ऐसे तो चेकनाका कर्मी की कार्यों पर भी सवाल उठता है। वैसे तो बदनाम पुल के पास कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा समय समय पर पैसे लेकर अवैध तरीके से ओवरलोडिंग भारी वाहनों, ट्रैक्टरों को पार करवाने की बात प्रकाश में आती रहती है।कई बार तो अधिकारियों ने कार्रवाई भी किया और अवैध पासिंग को रोकने के लिए पुल के रास्ते को लोहे के पटरियों से घेर कर रास्ता बंद कर दिया। लेकिन अवैध कार्य करने वालों का मनोबल तो देखिए कि वहाँ अब सभी घेरे को टेढ़ा करके मोड़ दिया है ताकि दोनों तरफ, आरपार आसानी से अवैध पासिंग किया जा सके।
सबसे पहले यह जानिए कि ये ओवरलोडिंग ट्रैक्टरों का खेल कहाँ से शुरू होता है?
ये ओवरलोडिंग गाड़ियां अपने अपने सेटिंग क्रेशरों से माल लोड कर पकड़े जाने के डर से तेज रफ़्तार से सनसनाती हुई सड़क पर दौड़ती इस बदनाम पुल तक पहुँचती है और अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल में माल बेचने के लिए प्रवेश कर जाती है। इनमें से कोई सितपाहाड़ी, कोई चौरामोड़ आदि जगहों से माल गिट्टी, फाइबेट खरीदती है। फिर अधिकतर ओवरलोडेड गाड़ियाँ बड़ा सोनाकर, राजबाड़ी के पीछे से नया डांगापाडा होते हुए सनसनाती हुई विजयपुर तरफ से उक्त बदनाम पुल होते हुए बंगाल की सीमा में प्रवेश कर जाती है। इस भागने के चक़्कर में दुर्घटना ग्रस्त होकर कई लोगों ने अपनी जाने गँवाई है। हाल ही में विजयपुर के पास ऐसी भीषण सड़क दुर्घटना हुई जिसमें एक बाइक सवार बच्चे की मौत हो गई। बता दें कि इस पूरे पत्थर के धंधे में केवल कुछ लोग ही आपको नियम पर चलते हुए दिखाई देंगे, बाद बाकी सब तो मौज काट रहे हैं।
इस मामले पर उच्च अधिकारियों तथा पुलिस प्रशासन को संयुक्त तरीके से ठोस कार्रवाई करनी होगी। तब जाकर कही ये अवैध धंधे होने से रुकेंगे, साथ ही इन पत्थर माफियाओं का मनोबल भी टूटेगा।


