क्या कोटालपोखर पंचायत में चल रहा है बिचौलिया राज? होनी चाहिए उच्चस्तरीय जाँच?
कोटालपोखर ब्रेकिंग:- झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड अंतर्गत कोटालपोखर पंचायत में मुखिया की मनमानी चरम पर होने का आरोप लगातार लग रहे हैं। आम जनता का कहना है कि मनमानी रवैया के चलते कोटालपोखर पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। वैसे गंभीर आरोप है कि मुखिया द्वारा अपने तथाकथित किसी निजी सलाहकार फ़लाना घोष के साथ मिलकर विकास कार्यों का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा है। जबकि नियमानुसार पंचायतों में विकास के कार्य पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए थी। आम जनमानस को योजनाओं का शुद्ध लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्यूंकि कोटालपोखर पंचायत में फिलहाल बिचौलिया राज चल रहा है।
कोटालपोखर पंचायत में अगर बात की जाए पानी पाइपलाइन योजना की तो अभी तक आधा अधूरा कार्य ही हो पाया है और उसमें भी काफ़ी भ्रष्टाचार देखने को मिल जायेंगे। नल जल योजना में डीपू रोड कोटालपोखर वार्ड संख्या 04 में तीन अलग अलग गलियों में रहनेवाले लोगों को अभी तक इस योजना से वंचित रखा गया है। इसकी जानकारी इस योजना से जुड़े मिस्त्री, कर्मचारी, ठेकेदार, JE को है फिर भी आजकल और टालमटोल हो रहा है। इन बातों की सूचना मिलने के बावजूद मुखिया जी चुप्पी साधे हुए है। इधर ऐसी रवैया के वजह से आम जनता में भारी आक्रोश है। योजना से वंचित इन गलियों के लोग कहते हैं कि एक तो इतनी भयंकर गर्मी और धूप का मौसम और ऊपर से कुँवा सूखने को है तो इस पानी की किल्लत से निजात कैसे मिले?
याद रहे कोटालपोखर पंचायत के बेहतर विकास के लिए मुखिया को जनता ने चुना था, लेकिन आम जनता के अनुसार उनके साथ छल हो रहा है। इधर दैनिक अखबारों में छपी रिपोर्ट के अनुसार उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए गए हैं जिसमें मुखिया द्वारा फर्जी ग्राम सभा कराकर 15 वें वित्त राशि में लूट की बात प्रकाशित हुई है। इसके आलावे फर्जी मास्टर रोल भरने की बात भी की गई है। बीते वर्ष 2023 में तो कई वार्ड सदस्यों ने वर्तमान कोटालपोखर की मुखिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे, जिसे मुखिया ने अपने विरुद्ध साजिश बताया था। हालांकि इन तमाम आरोपों पर पक्ष जानने हेतु जब उन्हें मोबाइल द्वारा कॉल पर दो बार संपर्क किया गया तो उन्होंने कॉल नहीं उठाया। जो कुछ भी हो प्रकाश में आए इन बातों पर उच्च स्तरीय जांच होनी ही चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
source: दैनिक अख़बार, ग्राउंड रिपोर्ट , पंचायत के आमलोगों से की गई बातचीत
