कोटालपोखर के इस ऐतिहासिक धरोहर का होना चाहिए सौंदर्यकरण साथ ही उचित रख रखाव भी जरुरी, जानिए पूरी रिपोर्ट?
कोटालपोखर ब्रेकिंग: यूं तो पूरे विश्व के कोने कोने में इतिहास ने अपनी घटनाओं और कहानियों का छाप किसी न किसी रूप में छोड़ ही रखा है। जिससे भविष्य के लोग इन प्रतिकों के जरिये बीती हुई घटनाओं को जान सके। और ऐसे भी ये प्रतीक चिन्ह, स्तम्भ, शिलालेख, मुद्राएँ, नक्काशियाँ बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इतिहास को जानने - समझने के लिए। लेकिन अगर बात की जाए कोटालपोखर के राजा महाराजाओं के समय के एक ऐतिहासिक स्तम्भ की तो इसका सौन्दर्यकरण और उचित रख रखाव ना होने के कारण ये अपनी मूल स्वरुप को धीरे धीरे खोता जा रहा है। कोटालपोखर के जनमानस को जागना होगा और शांति चौक के नजदीक +2 उच्च विद्यालय कोटालपोखर के बगल में स्थित इस ऐतिहासिक स्तम्भ के पुनरुद्धार के लिए प्रयास करना होगा।
कहा जाता है कि स्तम्भ का पुराना संबंध कोटालपोखर राजबाड़ी के राजाओं के इतिहास से है। बड़े ही दुःख की बात है कि ऐसे ऐतिहासिक स्तम्भ के आसपास कचरे का ढेर दिखाई देता है। जिससे इसकी गरिमा को ठेस पहुँचता है। आसपास के लोगों को कचरे के निरंतर निपटारे के लिए उचित कदम उठाना चाहिए। यहाँ के जनप्रतिनिधियों से अपील है कि इसके सौन्दर्यकरण हेतु जल्द से जल्द उचित कदम उठाये ताकि समय रहते स्तम्भ का पुनुरुद्धार हो जाए।
- गोविन्द कुमार साहा, स्पेशल रिपोर्ट

