कोटालपोखर व्हाट्सप्प ग्रुप 39 माफिया मामले में हुई एक को जेल, इंस्पेक्टर के निर्देश तथा थाना प्रभारी ओपी चौहान की हिम्मत पर हुई कार्रवाई, खेल तो अभी शुरू हुई है पिक्चर अभी बाकी है.....
कोटालपोखर, बरहरवा: पत्थर माफिया, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अवैध खनिज पत्थर परिवहन एवं परिचालन का षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी कर अवैध खनिज की चोरी करने सहित मामले को लेकर कोटालपोखर थाना प्रभारी ओम प्रकाश चौहान ने गुरुवार की देर संध्या बरहरवा पुलिस इंस्पेक्टर सुधीर कुमार पोद्दार के निर्देश पर कोटालपोखर नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हसन मंसूरी पिता ईस्लाम मंसूरी को खदेड़कर दबोचने में सफलता हासिल करते हुए पुछताछ के उपरांत शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में राजमहल भेज दिया है। हालांकि इसके साथ ही कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी भी कि गयी, परन्तु हाथ नहीं आयें। बता दे की 18 फरवरी 2024 को कोटालपोखर के पुलिस अवर निरीक्षक विद्यानंद महतो के बयान पर कोटालपोखर नामक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन सहित 39 लोगों के खिलाफ कोटालपोखर थाना कांड संख्या 10/ 24 की धारा 420, 379, 120 बी, 66 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उक्त ग्रुप के माध्यम से ग्रुप में जुड़े 39 सफेदपोश पत्थर माफियाओं के द्वारा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पत्रकारों के आगमन एवं थाना क्षेत्र में भ्रमण एवं अवैध खनन से संबंधित छापेमारी की गतिविधियों एवं सूचना के संबंध में खनन माफियाओं को उसके द्वारा ग्रुप के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता था। साथ ही कोटालपोखर पुलिस के द्वारा अवैध परिचालन के खिलाफ किए जाने वाले करवाई की भी सूचना ग्रुप के माध्यम से आदान-प्रदान होता था, जिसके कारण सभी माफिया सतर्क हो जाते थे और प्रशासन का हाथ खाली ही रह जाता था। संबंधित 39 पत्थर माफिया जहां दिन के उजाले में अपने आप को प्रशासन और लोगों के शुभ चिंतक आपने आप को शो करते हैं वहीं रात के अंधेरे में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के रेकी करते हुए व्हाट्सएप पर सूचना को वायरल करते हैं और उक्त अवैध कमाई में आज तकरीबन करोड़ों का धन अर्जित कर बैठे हैं। सूत्र बताते हैं कि मैन्युअल माईनिंग के दौर में भी उक्त माफिया काफी सक्रिय थे और डुप्लीकेट माईनिंग का कारोबार भी इसके द्वारा किया जा रहा था। जो आज व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम प्रशासन के हत्थे चढे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि खनन माफियाओं के द्वारा सुनियोजित ढंग से षड्यंत्र रचकर कोटालपोखर नामक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किया जा रहा था, जो सिर्फ और सिर्फ अवैध खनन और परिवहन के परिचालन को ही संचालित करता था। ग्रुप के माध्यम से कोटालपोखर थाना क्षेत्र एवं पाकुड़ जिला के हिरणपुर थाना क्षेत्र एवं आसपास के थाना क्षेत्र में अवैध रूप से अवैध खनिज एवं पत्थर परिवहन एवं परिचालन का षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी कर अवैध खनिज की चोरी कर झारखंड सरकार के राजस्व को क्षति पहुंचाना था। बता दे की पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी के आगमन छापेमारी एवं उनकी गतिविधि की सूचना को शेयर करना संज्ञेय अपराध है । बावजूद कोटालपोखर के 39 सफेदपोश पत्थर माफियाओं के द्वारा उक्त कार्य को धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। वही इस बाबत बरहरवा पुलिस इंस्पेक्टर सुधीर कुमार पोद्दार ने बताया कि पुलिस और अधिकारियों की रैकी करना संज्ञेय अपराध है, बावजूद कोटालपोखर व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े 39 लोगों के द्वारा इस प्रकार कार्य को अंजाम देते हुए अवैध माइनिंग को गति दे दिया जा रहा था। जिसके खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पूछताछ के क्रम में हसन मंसूरी के द्वारा कई अहम बिंदुओं का खुलासा किया गया है, जिसमें और भी कुछ नाम बढा है जो अपने आप को सफेदपोश कहते हैं, जिसे अति शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।- स्पेशल रिपोर्ट, हल्ला बोल भारत टीम