पाकिस्तान की राह पर बांग्लादेश तख्तापलट में शामिल थी सेना 6 महीने से चल रही थी साजिश
बांग्लादेश में अचानक हुई तख्तापलट के कारण: बांग्लादेश में जिस तरह से शेख हसीना सरकार का तख्तापलट किया गया और सेना कि जो भूमिका सामने आई। उससे साफ हो गया है कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार को हटाने की साजिश 6 महीना पहले से ही शुरू हो गई थी। इस साजिश में बांग्लादेश के बड़े अधिकारियों से लेकर जमात-ए- इस्लामी शामिल था। इस तख्तापलट की साजिश में बाहरी देशों से लगातार फंडिंग हो रही थी। इस बाहरी ताकत ने सेना और जमात-ए-इस्लामी की सहारा लेकर छात्रों के जरिए तख्ता पलट को अंजाम दिया गया। जानकारी के मुताबिक जनवरी 2024 के बाद इस तख्ता पलट की कहानी लिखनी शुरू हो गई थी। इस दौरान जमाते-ए-इस्लामी और बांग्लादेश की सेना की बड़े-बड़े अधिकारीयों की बैठकें भी हुई थी। जिसका पता शेख हसीना की खुफिया विंग नहीं लगा पाई। इसी साजिश के तहत बाहरी देशों ने अपने एजेंडा के तहत बांग्लादेश की सेना और जमात-ए -इस्लामी के जरिये अपना निशाना साधा। छात्रों ने जो अपने रिजर्वेशन के नाम पर दंगा और फसाद शुरू किया था। संभवत उन्हें भी यह पता नहीं रहा होगा कि इसका अंत शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट से होगा। आखिर किसके राह पर चल रहा...