सारी दुनिया को सर्जरी की देन भारत ने दी, जानें आखिर क्या है इसका असली और अचंभित इतिहास....
भारत में एक महान रिसर्चर और इतिहासकार हुआ- राजीव दीक्षित ! उनकी खोज और दस्तावेजों के आधार पर ही हम जानते हैं कि कैसे विदेशियों ने हमसे प्लास्टिक सर्जरी सिखा। वैसे तो, आयुर्वेद के नियम को हजारों साल पहले ही आयुर्वेद चिकित्सा का रूप कुछ महान ऋषियों द्वारा दिया गया है। हमारा आयुर्वेद चिकित्सा में एक बड़े महान व्यक्ति हुए, जिनका नाम था महर्षि चरक । इन्होने सबसे ज्यादा रिसर्च इस बात पर किया कि जड़ी बूटियों से क्या क्या बीमारियाँ ठीक सकती है या पेड़ पौधों से कौन सी बीमारियाँ ठीक होती है। अथवा पेड़ों के पत्तों से कौन सी बीमारियाँ ठीक होती है। इन बिंदुओं पर, उन्होंने सबसे ज्यादा खोज किया। उनके बाद, एक ऐसे ही व्यक्ति हुए महर्षि शुश्रुत , उन्होंने इस विषय पर काम किया कि यदि शरीर के किसी भी अंग में जरुरत से ज्यादा ऐसी कोई बढ़ोतरी हो जाए, जैसे ट्यूमर या गाँठ हो गयी तो, इसे कैसे काट कर निकाला जाए। इस तरह, उन्होंने सर्जरी पर सबसे ज्यादा काम किया। आपको शायद ये जानकर आश्चर्य होगा और ख़ुशी भी होगी कि सर्जरी का अविष्कार इसी भारत देश में हुआ। यानी काफी समय बाद, सारी दुनिया ने सर्जरी भारत से सीखी। ब्रिटे...